किशोर कुमार: एक जीवनी किशोर कुमार: एक जीवनी हिंदी सिनेमा के बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार किशोर कुमार का परिचय किशोर कुमार को व्यापक रूप से एक "बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व" और "हिंदी सिनेमा के दिग्गज" के रूप में सराहा जाता है। उन्हें एक "ईश्वर प्रदत्त गायक, योडलिंग स्टार" के रूप में वर्णित किया गया है जिनकी आवाज़ "वातावरण में गूंजती रहेगी" और जिनके गाने "सदाबहार और अद्भुत" बन गए। उन्हें "गायन का राजा" माना जाता था, जिनके पास कलाकारों को सुपरस्टारडम तक पहुँचाने की अनूठी क्षमता थी। अपनी पौराणिक गायन प्रतिभा के अलावा, किशोर कुमार की प्रतिभा अभिनय, निर्माण, निर्देशन और लेखन तक फैली हुई थी। उन्हें उनके मजाकिया, जीवंत और अक्सर जिद्दी स्वभाव के लिए याद किया जाता है। आज भी, वे "हर दिल" में एक विशेष स्थान रखते हैं और उन्हें "अत्यधिक प्यार" मिलता रहता है। ...
दोस्ती(1964) फिल्म करने के बाद कहा गुम हो गए दोनो कलाकार आज भी हैं लोगो के चहीते सुशील कुमार और सुधीर कुमार सावंत
साल 1964 में सत्येन बोस द्वारा निर्देशित फिल्म दोस्ती ने रिलीज़ होते ही पूरे देश में धूम मचा दी. इसके सभी गाने इतने पॉप्युलर हुए कि चारों तरफ़ उन्हीं की गूंज सुनाई देती थी. चाहे फिल्म की कहानी हो, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत, रफ़ी साहब की मधुर आवाज़ हो या फिर सुशील कुमार और सुधीर कुमार की अदाकारी, इस फिल्म ने न सिर्फ़ देश, बल्कि विदेशों में भी लोगों को अपना दीवाना बना दिया था. यह फिल्म 4थे मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी शामिल हुई थी और सबसे बड़ी बात उस ज़माने में भी फिल्म ने 2 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया था. फिल्म की रिलीज़ के साथ ही दोनों सितारे सुशील कुमार और सुधीर कुमार रातोंरात स्टार बन गए, पर ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म देनेवाले दोनों स्टार्स उसके बाद किसी और फिल्म में नज़र नहीं आए? आख़िर कहां गुम हो गए ये दोनों सितारे? आपको जानकर हैरानी होगी कि जब दोनों सितारे इस फिल्म के बाद किसी और फिल्म में नज़र नहीं आए, तो एक ख़बर आग की तरह पूरे देश में फ़ैल गई कि दोनों ही स्टार्स की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई और इसके पीछे नाम लगाया गय...